• March 30, 2022
  • admin1
  • 0

Amazing Panchkarma for Mental health

आयुर्वेद और मानसिक स्वास्थ्य
आयुर्वेद में स्वास्थ्य की परिभाषा बताते हुए आचार्य चरक ने मन की प्रसन्नता को स्थान देकर उसका महत्व समझाया है। साथ ही, मानसिक रोगों से बचाव व उपचार के बारे में बताते हुए दिनचर्या, रात्रि चर्या, ऋतु चर्या, आचार रसायन(behavioral conducts), धारणीय वेग(urges need to be holed for psychological and social well-being), का प्रतिदिन अनुसरण (regular follow) करना बताया गया है।

कैसे होती है आयुर्वेद चिकित्सा ?
रोग के कारणों को जानकर आयुर्वेद चिकित्सा में औषधियों के साथ-साथ पंचकर्म शोधन चिकित्सा की जाती है। औषधियों में ब्राह्मी, शंखपुष्पी, जटामांसी, मालकांगनी, बच, रजत भस्म,स्वर्ण भस्म, जैसी जड़ी बूटियों से तैयार दवा के साथ-साथ शिरोधारा, तक्रधारा, वमन, विरेचन, नस्य, वस्ति, पोटली मसाज जैसे पंचकर्म ट्रीटमेंट्स किए जाते हैं।